20 मिनट मे गोरी त्वचा पाने के घरेलू उपाय

Monday, 14 September 2015

मेंन्सेस के दौरान दर्द, Pain during Mennses, Painful menstrual periods, 12 natural ways to reduce menstrual cramps or period pain

6 Natural Ways to Reduce Period Pain:

जिन युवतियों में मेंन्सेस के दौरान दर्द होता है, परंतु प्रजनन अंगों में कोई रोग नहीं है, उनमें इस कष्टदायक स्थिति के निम्न कारण हो सकते है –

गर्भाशय से प्रास्टाग्लैन्डिन रसायन अधिक मात्रा में बनना |
आलसी जीवन, व्यायाम की कमी |
जो महिलाएं कब्ज, पेट में गैस बनने की समस्या से ग्रस्त होती हैं उनमें डिसमेनोरिया की ज्यादा संभावना होती है |
कुछ महिलाओं को मरोड के साथ दर्द होता है इसे स्पासमोडिक डिसमेनोरिया कहते हैं |
गर्भाशय में रसोली,फाइब्रायड़ होना .प्रजनन अंगो में इंफेक्शन,अंडाशय में सिस्ट,ट्यूमर होना |
गर्भाशय में रूकावट,गर्भाशय ग्रीवा सकरी होने से या फिर . गर्भाशय के पीछे झुके होने से स्त्राव निकलनें में दिक्कत होने के कारण ये समस्या हो सकती है |
कुछ महिलाएं कॉपर टी लगवाती है इससे भी डिसमेनोरिया होने की संभावना बढ़ जाती है |
कुछ महिलाएं स्वभाव से डरी,सहमी,या तनावग्रस्त होती है इससे भी है डिसमेनोरिया ग्रस्त हो जाती हैं |


12 natural ways to reduce menstrual cramps or period pain:

घरेलू उपचार
————–
दूध तथा दूध से बनी चीजों का सेवन करे जिससे हार्मोन के स्तर का उतार चढाव कम होता है |
इन दिनों किशोरियों को मुंहासे भी अधिक परेशान करते हैं यह ऐसा एंड्रोजन नामक हार्मोन के उत्पादन में वृध्दि की वजह से होता है | यह त्वचा से आयल स्रवित करने का काम करता है और यह रोम छिद्रों को बंद कर देता है जिसकी वजह से मुंहासे निकलते हैं | इससे बचने के लिए मासिक शुरू होने के एक हफ्ते पहले से ही अपने चेहरे की त्वचा को साफ करने का कामशूरू कर दें |
डिसमेनोरिया ग्रस्त युवती ,महिला को हर माह मेन्सेस शुरू होने से एक सप्ताह पहले से ही नमक कम खाना चाहिये |
पेट,पडू में दर्द होने से गरम पानी से स्नान करें,तथा पेडू की सेकाई करें |
पर्याप्त मात्रा में संतुलित भोजन करें,हरी साग सब्जियां,मौसमी फल का उचित मात्रा में सेवन करें |
तनाव ,चिंता से दूर रहें. मेन्सस के संबंध में गलत धारणा न पालें |
लेटते समय पैरों के नीचे तकिया लगाकर सोयें |
इन दिनों अधिक ठंडी चीजों का सेवन न करें |
मेन्सस शुरू होने से दो चार दिन पहले से आधा चम्मच हल्दी फांक कर गुनगुना पानी पी लें इससे रूका हुआ मेंन्सस भी साफ हो जाता है और अंदरूनी इंन्फेक्शन भी ठीक होता है |
अंदरूनी अंगो की सफाई बराबर रखें. किसी एंटी वैक्टीरियल सोप से अंडरगर्मेंट साफ करें | वरना इंन्फेक्शन के चांसेस बढ़ सकते हैं |
किसी-किसी को मासिक धर्म के समय पेडू में दर्द एवं ऐठन होता है इसके कई कारण हो सकते है | यदि अधिक तकलीफ हो तो डॉक्टर की सलाह लें, कई बार घरेलू उपाय से भी ठीक हो सकता है –
घरेलू उपाय
————
गुड, अजवाइन का हलवा बनाकर खाने से पेडू में होने वाला दर्द एवं ऐठन तथा आने वाला मासिक धर्म ठीक हो सकता है |
मासिक धर्म के समय जांघों का दर्द हो, तो नीम के पत्ते 5 ग्राम अदरक का रस 10 ग्राम इसमें इतना ही पानी मिलाकर इस काढे को जरूरत अनुसार दो चार बार पियें |
मासिक धर्म अनियमित हो तो –
——————————–
दो चम्मच गाजर का बीज (बाजार में उपलब्ध होता है जहां सब्जियों के बीज मिलते हैं) तथा गुड़ एक गिलास पानी में उबालकर रोज सुबह शाम पियें |
50 ग्राम सोंठ, गुड 30 ग्राम, 5 ग्राम कुटी जौ, वायविडंग, (जड़ी बूटी की दुकान पर मिल जाता है) 1 गिलास पानी में उबाले काढ़ा बनाऐं. आधा-आधा कप, तीन-तीन घंटे बाद पियें | रूका हुआ मासिक स्त्राव शुरू हो जायेगा |
दो गिलास पानी में 4 चम्मच राई उबालकर पानी छान लें उससे कपड़ा भिगाकर पेट सेकें | इससे मासिक स्त्राव खुलकर होगा व दर्द भी कम होगा |
तुलसी की जड़ को छाया में सुखाकर पीसकर रख लें, इस पावडर की चुटकीभर मात्रा पान में रखकर खाने से अनावश्यक रक्त स्त्राव (अधिक मात्रा में होने वाला) बंद होता है |

0 comments:

Post a comment